2015 से अब तक प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने स्मार्ट सिटी परियोजना को कितना सफल बनाया

2015 में मोदी सरकार ने तीन मेगा परियोजनाओं का उद्घाटन किया था, जिसके तहत स्मार्ट सिटी परियोजना, कायाकल्प और शहरी रूपांतरण के लिए अटल मिशन योजना शुरू की गई थी। इन सभी परियोजनाओं की कुल लागत 4 लाख करोड़ रूपए बताये गए थे, आइये जानते हैं इन सभी परियोजनाओं को मोदी सरकार कितना सम्पूर्ण कर पाई है।

सर्वप्रथम स्मार्ट सिटी आखिर है क्या?

स्मार्ट सिटी मिशन के दृष्टिकोण से शहरों को बढ़ावा देना है जो मूल बुनियादी सुविधाएं उपलब्ध कराएँ और अपने नागरिकों को एक सभ्य गुणवत्तापूर्ण जीवन प्रदान करने में सहयोग दे।

स्मार्ट सिटी मिशन रणनीति

– पूरे शहर के लिए पहल जिसमे कम से कम एक स्मार्ट समाधान शहरभर में लागू किया गया है
– क्षेत्र का कदम-दर-कदम विकास – क्षेत्र के आधार पर प्रगति के तीन मॉडल, रेट्रोफिटिंग, पुनर्विकास, हरितक्षेत्र

स्मार्ट सिटी परियोजना के फायदे

देश में मौजूद सभी महानगर जिनमे WIFI सुविधा से लेकर एजुकेशन सुविधा के कारण स्टूडेंट से लेकर वर्कर्स को बेहद सहायता मिलती है, जिससे वहां तरक्की करने में लोगो को ज्यादा दिक्क्तों का सामना नहीं करना पड़ता, यही समानता देश के कई राज्यों में लाने की आवश्यकता है। जिसे स्मार्ट सिटी परियोजना के तहत पूरा किया जा सकता है।

छोटे शहरों के छात्रों में भी काफी ज्ञान और कला मौजूद होने के बावजूद भी उन्हें कोई अच्छा प्लेटफॉर्म नहीं मिल पाता जिस कारण उनकी कला उभर नहीं पाती है, स्मार्ट सिटी द्वारा कई छोटे शहरों और कस्बो को आगे आने का मौका मिल सकेगा।

स्मार्ट सिटी के लिए अन्य प्राथमिक सुविधाएं

  • बिजली की निश्चित आपूर्ति
  • पानी की पर्याप्त आपूर्ति
  • बेहतर शिक्षा और स्वास्थ्य सुविधा
  • बेहतर सार्वजनिक परिवहन सुविधा
  • ठोस अपशिष्ट प्रबंधन सहित स्वच्छता
  • गरीबों के लिए किफायती आवास
  • बेहतर सूचना कनेक्टिविटी एवं डिजिटलीकरण
  • ई-गवर्नेंस और नागरिक भागीदारी सहित सुशासन
  • टिकाऊ पर्यावरण
  • नागरिकों की सुरक्षा (विशेष रूप से महिलाएं, बच्चे और बुजुर्गों की सुरक्षा)

स्मार्ट सिटी मिशन की वेबसाइट पर दी गयी जानकारी के अनुसार, योजना के तहत 5929 प्रोजेक्ट के लिए 178,492 करोड़ रुपये का टेंडर की घोषणा की गयी, स्मार्ट सिटी मिशन का उद्देश्य 146,466 करोड़ रुपये के 5245 प्रोजेक्ट के लिए वर्क ऑर्डर जारी किया गया, जबकि 45,264 करोड़ रुपये के 2673 प्रोजेक्ट का काम पूरा हो गया (स्मार्ट सिटी मिशन UPSC) जानकारी के मुताबिक केंद्र और राज्य सरकारों द्वारा 2017-2022 के बीच शहरों को वित्तीय सहायता देने की बात कही गई, सरकार के अनुसार मिशन का परिणाम 2022 तक दिखना शुरू होगा।

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